अच्छी ख़बर: मिशन शक्ति आंगनबाड़ी सह क्रेच (पालना) योजना से ऐसे बढ़ रही कामकाजी महिलाओं की मासिक आय
देहरादून, ब्यूरो। मिशन शक्ति अँगनबाड़ी सह क्रेच पालना योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है इस योजना के तहत, अँगनबाड़ी केंद्रों में पलना योजना को शामिल किया गया है, जो बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था में ही शिक्षा और पोषण के महत्व को समझने में मदद करती है। योजनान्तर्गत महिलाओं के कार्य बल में सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार माताओं के 6 माह से 6 वर्ष के शिशुओं की उचित देखभाल, सुरक्षा, पूरक पोषण, विकास निगरानी और स्वास्थ्य जांच एवं स्कूल पूर्व शिक्षा आंगनबाड़ी सह क्रेच (पालना) केन्द्रों में उपलब्ध करायी जाती है।
मुख्य उद्देश्यः
-6 माह से 6 वर्ष के शिशुओं की उचित देखभाल
-बच्चों को पोषण और शिक्षा के अवसर प्रदान करना
- अँगनबाड़ी केंद्रों में पालना योजना को लागू करना
-बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार करना
लाभः
-बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा मिलेगी
-अँगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की देखभाल और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा
-महिलाओं का कार्यबल में सहभागिता बढेगी

आईसीडीएस के निदेशक आईएएस बीएल राणा के अनुसार योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा कुल 202 पालना केन्द्र स्वीकृत किये गए हैं जिसमें से 192 केन्द्र संचालित किये जा चुके है। वर्तमान में पालना केन्द्रों के अन्तर्गत कुल 913 शिशुओं का पंजीकरण कर लाभान्वित किया जा रहा है।
Mission Shakti Anganwadi cum Creche Scheme is increasing the monthly income of working women
राज्य में पूर्व से संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रो को पालना योजनान्तर्गत आंगनबाड़ी सह क्रेच केन्द्र के रूप में संचालित किया जा रहा है। इन केन्द्रो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं सहायिका के साथ-साथ क्रेच वर्कर एवं क्रेच हेल्पर के पदों की व्यवस्था भी की गयी है। आंगनबाड़ी सह क्रेच केन्द्र का संचालन प्रातः 8:00 बजे से सांय 4:30 बजे तक किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में पालना केन्द्रो के संचालन के फलस्वरूप कामकाजी महिलओं की मासिक आय 7 हजार से बढ़कर 10 से 12 हजार हो गई है।
