उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने किया शारदा कॉरिडोर और नायकखेड़ा के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
टनकपुर (चम्पावत), ब्यूरो। उत्तराखंड के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने टनकपुर पहुंच कर शारदा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों और आपदा प्रत्यास्थता के लिए पारिस्थितिक गलियारा विकास, नायकखेड़ा का भी निरीक्षण किया।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को टनकपुर में मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में शारदा नदी के दाँये पार्श्व (तटबन्ध) में बूम से टनकपुर तक बाढ से बचाव के लिए निर्माण की 6020.89 लाख की धनराशि की शारदा कॉरिडोर परियोजना के अन्तर्गत शारदा घाट के पुनर्निर्माण कार्यों, किरोडा नाले पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों और बाढ़ जोखिम को कम करने और क्षेत्र को आपदा-रोधी बनाने की 85.23 करोड़ की धनराशि से बन रही पारिस्थितिक गलियारा विकास, नायकखेड़ा का परियोजना का भी निरीक्षण किया।
शारदा कॉरिडोर परियोजना के निर्माण के पश्चात 3900 जनसंख्या लाभान्वित होगी और लगभग 33.00 हैक्टयर भूमि की सुरक्षा भी होगी। शारदा कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य बनबसा से माता रणकोची तक शारदा नदी के तटवर्ती क्षेत्र को एक नई एवं सशक्त पहचान प्रदान करना है, जहाँ धर्म, प्रकृति, पर्यटन और आजीविका का सुंदर एवं संतुलित समन्वय स्थापित हो। यह क्षेत्र केवल आस्था का केंद्र ही नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक समृद्धि, रोजगार और सतत विकास के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि परियोजना का प्रमुख लक्ष्य शारदा नदी के तट को पर्यावरण-संवेदनशील, स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाना है। इसके अंतर्गत सुव्यवस्थित घाटों का विकास, सुगम पहुँच मार्गों का निर्माण, पैदल पथ, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्गीकरण तथा आवश्यक जनसुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही, स्थानीय कारीगरों, विक्रेताओं और समुदायों के लिए आजीविका एवं स्वरोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से एवं समय पर पूर्ण किए जाएं, ताकि स्थानीय जनता को बाढ़ से सुरक्षा मिल सके और पर्यटन को बढ़ावा मिले।इस अवसर पर सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

