देश की राजनीतिक इतिहास में मील का पत्थर है नारी शक्ति वंदन अधिनियम, दून मेडिकल कॉलेज में गूंजा नारी शक्ति वंदन का स्वर
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया पहल का स्वागत
- दून मेडिकल कॉलेज में गूंजा नारी शक्ति वंदन का स्वर
देहरादून, ब्यूरो। पटेल नगर देहरादून राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है।
उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के इतिहास में एक युगांतरकारी परिवर्तन की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगा और आने वाले समय में महिलाओं के नेतृत्व, आत्मविश्वास और भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि इस पहल को जन आंदोलन का रूप देकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

The Nari Shakti Vandan Act is a milestone in the political history of the country, the voice of Nari Shakti Vandan resonated in Doon Medical College.
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुलेखा डंगवाल, महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष गीता खन्ना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन, कार्यक्रम संचालक दीप्ति रावत, रुचि भट्ट समेत अनेक गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
