पर्यटन मंत्री महाराज ने किया राजकीय हनोल जागड़ा मेले का शुभारंभ, पूजा अर्चना के बाद प्रदेश-देश की खुशहाली की कामना की
हनोल/देहरादून, ब्यूरो। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए विधिवत् रुप से दो दिवसीय पारंपरिक और धार्मिक जांगड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जहां एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हनोल में आयोजित होने वाले जागड़ा पर्व को पहले राजकीय मेला घोषित किया तो वहीं उनके ही अथक प्रयासों से केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर 120 करोड़ रूपए का मास्टर प्लान तैयार कर महासू देवता मंदिर परिसर हनोल का विकास कार्य तेज़ी से शुरू किया।

Tourism Minister Maharaj inaugurated the state-level Hanol Jagra Fair; after performing prayers, he prayed for the prosperity of the state and the nation.
हनोल के प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर में हर साल सितंबर के महीने में पारंपरिक जागड़ा (जागरा) मेला आयोजित किया जाता है। यह जौनसार-बावर और आसपास के पहाड़ी इलाकों का एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक महापर्व है। मेले के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में देवता को ‘लूंग’ (हरियाली) चढ़ाई जाती है। श्रद्धालु पूरी रात जागकर पारंपरिक देवगीतों और लोकनृत्यों के साथ महासू महाराज की आराधना करते हैं। इसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (शिमला, सिरमौर) और आसपास की घाटियों से हजारों की संख्या में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं।
