सरस फूड फेस्टिवल बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सशक्त मंच, 1 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री की!
- स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने की 1 करोड़ से अधिक की बिक्री, स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
- लखपति के बाद करोड़पति दीदी बनने की ओर अग्रसर हो रही महिलाएं: नोडल अनीता पंवार
- राजधानी देहरादून में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल 2026 ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और स्वरोजगार का सशक्त मंच बनकर उभरा
देहरादून, ब्यूरो। सरस फूड फेस्टिवल में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने करीब 1 करोड़ से अधिक की बिक्री की। इस आयोजन ने ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन और उन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का बेहतर अवसर दिया। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे सरस फूड फेस्टिवल जैसे मेलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आय अर्जित करने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
इन आयोजनों में महिलाएं अपने पारंपरिक व्यंजनों, पहाड़ी उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय वस्तुओं का प्रदर्शन एवं बिक्री कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार में पहचान दिलाने का अवसर भी मिल रहा है।
The Saras Food Festival has emerged as a powerful platform for the livelihoods of rural women, generating sales exceeding ₹1 crore!
सरस फूड फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पादों, व्यंजनों और हस्तशिल्प ने लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया। ऐसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने के साथ उन्हें बाजार की संभावनाओं से जोड़ने में भी सहायक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री की ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने की पहल के अनुरूप यह आयोजन महिला सशक्तीकरण और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बना।
सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन देहरादून के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय सरस फूड फेस्टिवल में ग्रामीण समूह की महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से बेहतर मंच बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय फूड फेस्टिवल में 200 से अधिक स्टाल लगे और प्रदेश के 13 जनपदों के साथ मिलकर देश के 17 राज्यों की समूह की महिलाओं ने इस मेले में प्रतिभा किया।
अनीता पंवार ने बताया कि आजीविका की दृष्टिकोण से समूह की महिलाओं ने इन सात दिवसीय मेले में 1,01,00,692 रुपए का टर्नओवर अर्जित किया है। उन्होंने बताया कि अब समूह की महिलाएं लखपति दीदी से अब सीधे करोड़पति दीदी बनने की ओर अग्रसर हो रही है।

