- बर्फबारी से बदला मौसम का मिजाज: गंगोत्री–यमुनोत्री में बर्फबारी, खिले किसानों के चेहरे
अगले 48 घंटे के लिए उत्तरकाशी समेत 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तरकाशी, ब्यूरो। जनपद में बीते रविवार से खराब मौसम से तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। गंगोत्री हर्षिल वैली और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी और निचले इलाकों में झमाझम बारिश से एक ओर जहां वनाग्नि से राहत मिली वहीं बागवानी काश्तकारों के चेहरे भी खिले उठें है।
मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए अगले 48 घंटों को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
वीरवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और भारी बर्फबारी के साथ-साथ गर्जना, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने के अनुसार 22 मार्च तक भी स्थिति बेहतर होती नहीं दिखती।
सेब की बागवानी के लिए संजीवनी
उत्तरकाशी के ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी और बारिश ने बागवानी और कृषि क्षेत्र में संजीवनी का काम किया है। लंबे सूखे के बाद हुई इस बेमौसम बारिश-बर्फबारी ने हर्षिल वैली, नौगांव के सेवरी और मोरी क्षेत्र के बागवानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री और हर्षिल जैसे ऊंचे इलाकों में हुई बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से सेब के बागवानों को बड़ी राहत मिली है। यह बर्फबारी सेब के लिए जरूरी ‘चिलिंग आवर्स’ (ठंडक) को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है, जिससे इस साल फसल खराब होने का खतरा टल गया है।

अर्ली फ्लावरिंग का खतरा टला
लगातार सूखे के कारण समय से पहले फूल आ रहे थे, जिससे उत्पादन कम होने का डर था। अब तापमान कम होने से यह प्रक्रिया सामान्य हो गई है।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भारी बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो फूलों (ब्लूमिंग) को नुकसान हो सकता है और फसल का उत्पादन कम हो सकता है।
वहीं गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल के अनुसार, बीते रविवार से क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं काश्तकार भगवान सिंह और संजय पंवार का कहना है कि हाल की बर्फबारी और बारिश से फसलों को नई जान मिली है, खासकर सेब उत्पादन के लिए यह बेहद लाभकारी साबित होगी।
